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Your Interview#1

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It's an interview to communicate with you and let your thoughts flowdown to nature of human intelligence. Let's know our freedom of speech for a responsible cause. Topic of discussion: communal debates Question: In the era of Freedom, in which equality and secularism are important keys Of our Indian Constitution.     How do we look up to any debate conducted by the national television based on any community? यह आपके साथ संवाद करने और अपने विचारों को मानव बुद्धि की प्रकृति में प्रवाहित करने के लिए एक प्रयास है। आइए जानते हैं एक जिम्मेदार कारण के लिए हमारी बोलने की स्वतंत्रता का जिम्मेदारी से प्रयोग करे।  चर्चा का विषय: सांप्रदायिक बहस्  प्रश्न: स्वतंत्रता के युग में, जिसमें समानता और धर्मनिरपेक्षता हमारे भारतीय संविधान की महत्वपूर्ण कुंजी है।  हम किसी भी समुदाय के आधार पर राष्ट्रीय टेलीविजन द्वारा आयोजित किसी भी बहस को कैसे देखते हैं? आप अपने विचार comment box मे दर्ज करणे के लिय स्वतंत्र है.  You are free to post your thoughts in comment bo...

Election, campaign or trade

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India is the largest republican country in the world.Here the election is like a festival, for many days the propaganda medium propagates differently from different times. In which the rallys are conducted, going home and meeting people, distributing pamphlets, waving flags, giving speeches, taking time of people by standing many platforms, they are reminded of the imagination of future and past.Where print media, news channels and social media are being used extensively, campaigner for publicity shows many ads and many news are also created, every candidate is represented by a positive attitude through his own promotional medium,And opposition is shown from negative point of view. Many ads are shown like news and many news are shown as advertisings. You will remember ''The public will not forgive ''This ad used to make the normal people realize their own. Imagine if all the promotional medium began to propagate one party and start showing its opponents nega...

Election, चुनाव एक व्यापार

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भारत दुनिया का सबसे बड़ा गणतांत्रिक देश है। और यहां चुनाव एक त्योहार की तरह होता है, कई दिनों तक प्रचार माध्यम अलग अलग उमीदवार के अलग अलग तरह से प्रचार करते है। जिसमे रैली निकालना, घर घर जा कर लोगो से मिलना, पर्चे बटना, झंडे लहराना, भाषण देना, कई मंच खड़े कर लोगो का समय लेकर उन्हे आवाहन, आश्वासन, वादे, किए जाते है भविष्य की कल्पना और भूतकाल भी याद दिलाया जाता है। जहा प्रिंट मीडिया, न्यूज चैनल और सोशल मीडिया का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहा है, प्रचार के लिए प्रचारक कई विज्ञापन दिखाते है और कई खबरे बनाए भी जाते है, हर उमीदवार अपने अपने प्रचार माध्यमों द्वारा सकारात्मक दृष्टिकोण से दर्शाया जाता है, और विरुद्ध उमीदवार को नकारात्मक दृष्टिकोण से दिखाया जाता है। कई विज्ञापन खबरों की तरह और कई खबरे विज्ञापन की तरह दिखाए जाते है। आपको याद होगा '' जनता माफ नहीं करेगी '' यह विज्ञापन सामान्य लोगो को अपनेपण का एहसास करवाता था। सोचिए अगर सभी प्रचार माध्यम किसी एक दल का प्रचार करने लगे और उसके विरोधियों को नकारात्मक दिखाने लगे, तो वहीं राजनेतिक दल बिना किसी उपलब्धियों के...

Indian Inventor and their Invention

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 भारत में कई ऐसे अविष्कारक हो चुके है जिनके कार्य अविस्मरणीय है लेकिन समय के साथ साथ उन्हे भुला दिया गया और पाश्चात्य संस्कृति के आकषर्ण मे हम हमरी अभूतपूर्ण उपलब्धियों को भूलकर विदेशियों के बारे में पढ़ते गाए, लेकिन हमारे भारतीय शास्त्रों मे ही ऐसे अकल्पनीय आविष्कार छुपे हुवे है, जो हमे हैरान करते है और हमे गर्व के साथ साथ ही उन्हे भुलाने के लिए शर्म का एहसास कराते है। १) सुश्रुत  शल्य चिकित्सा (Surgery) के पितामह और 'सुश्रुत संहिता' के प्रणेता आचार्य सुश्रुत  सुश्रुत प्राचीन भारत के महान चिकित्साशास्त्री एवं शल्यचिकित्सक थे। उनको शल्य चिकित्सा का जनक कहा जाता है। सुशृत जन्म ८०० ई.पू.,भारत। २) कणाद ऋषि   भौतिक जगत की उत्पत्ति सूक्ष्मातिसूक्ष्म कण परमाणुओं(atom) के संघनन(मॉलिक्यूल) से होती है- इस सिद्धांत के जनक महर्षि कणाद थे। इसके अलावा महर्षि कणाद ने ही न्यूटन से पूर्व गति के तीन नियम बताए था। वेग या मोशन (motion) पांचों द्रव्यों पर निमित्त व विशेष कर्म के कारण उत्पन्न होता है तथा नियमित दिशा में क्रिया होने के कारण संयोग विशेष से नष्ट होत...

Dharm

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    भारत एक संपन्न और समृद्ध देश था, यह कई राज्यों का संघ था, यहां धर्म की परिभाषा कर्म से की जाती थी, भारत व्यापार, वाणिज्य, शास्त्र, औषधि, योग, विज्ञान और कला का केंद्र था, इन्ही विशेषताओं ने बाहरी दुनिया को भारत के तरफ आकर्षित किया और भारत को जितने की उनमें लालसा जागने लगी। लेकिन उनके लिए इस राज्यों के संघ को जितना मुश्किल था। इसलिए इन्ही शक्तियों ने भारत की कूटनीति को समझा और उसे भारत के हिंखिलाफ इस्तेमाल किया, उन्होंने यहां प्रांत के आधार पर मतभेद निर्माण किए, कर्मो के आधार पर जातियों का निर्माण किया गया और इन्ही जाति मतभेद की राजनीति में राज्यों में द्वंद का माहोल बना, जहा उचनिच की राजनीति का इस्तेमाल लोगो मे फुट डालने और आंतरिक युद्ध की स्थिति निर्माण करनें में हुआ। मुग़ल, पर्शियन, अंग्रेज़, अलग अलग शक्तियां भारत पर अपना राज्य चाहती थी। इस कारण वश यहां कई युद्ध हुवे, कई शाशन बदले, हर शाशक ने अपना सकारात्मक प्रचार किया। जिस वजह से यह अलग अलग प्रांत के लोग आकर बसने लगे और उनकी अलग अलग मान्यताएं थी। इन्ही विभिन्न लोगो ने धर्म की परिभाषा बदल दी।    भा...

Stories Created or Marketed

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 We have many marvelous freedom fighters, social worker, nationalists and authors, who have created history, who's life are now stories of courage, braveries, hard word, sacrifice, success and dedication.  But how many of them we know or how many of them we follow. They created the history and we created stories of them. Their dedication never demand any popularity or no credits for their work. But we marketed them very well. They all have different paths but destination was similar, but now a days we have devided them for their different paths. This the system of belief changed heros are been created and marketed very well for some cause.   इस धारणाओं को समझते है, आप गांधीजी, नेहरूजी को मानने वालो मे से है? या आप  बोसजी को मानने वालो मे से है, या आप भगत सिंग, चंद्रशेखर आजाद के क्रांतिकारी विचारों को मानने वालो मे से है?, या आप शास्त्री जी, सरदार वल्लभ पटेल जी को मानने वालो मे से है?, सावरकर जी, या अम्बेडकर जी को मानने वालों में से है? मेरा यह सवाल शायद ब...